IMD Weather Alert: बिहार में मौसम के मिजाज में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में रविवार से प्री-मानसून अवधि की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जो 31 मई तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। एक तरफ तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर हल्की बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली जैसी घटनाएं भी समय-समय पर मौसम को प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे सूर्य कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे तापमान में भी वृद्धि होती जाती है। यही कारण है कि मार्च के महीने से ही गर्मी का प्रभाव धीरे-धीरे महसूस होने लगता है। इस बार भी मार्च में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया गया है, जिससे लोगों को अपेक्षाकृत जल्दी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मार्च में बढ़ेगा तापमान, गर्मी का असर होगा तेज
मौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार मार्च के दौरान राज्य का अधिकतम तापमान 28 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से थोड़ा अधिक रहने की संभावना है। इसका सीधा मतलब यह है कि दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी के कारण गर्मी का एहसास पहले की तुलना में अधिक होगा।
हालांकि अभी सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का असर बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में यह धीरे-धीरे कम होता जाएगा। जैसे-जैसे महीने का दूसरा और तीसरा सप्ताह आगे बढ़ेगा, दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च का महीना आमतौर पर मौसम परिवर्तन का समय होता है। इस दौरान तापमान बढ़ने के साथ-साथ वातावरण में अस्थिरता भी देखने को मिलती है, जिससे कई बार अचानक मौसम बदल जाता है।
प्री-मानसून का असर: बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना
प्री-मानसून अवधि के दौरान बिहार में केवल गर्मी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि मौसम के कई अन्य रूप भी देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
विशेष रूप से दोपहर या शाम के समय अचानक तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कई बार बादल छाने के बाद हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे कुछ समय के लिए तापमान में कमी महसूस होगी।
हवाओं की गति भी इस दौरान तेज रहने की संभावना है। अनुमान है कि पछुआ हवाएं लगभग 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। तेज हवाओं के कारण कई बार धूल भरी आंधी भी देखने को मिल सकती है।
दक्षिणी बिहार में अधिक गर्मी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में तापमान का प्रभाव भी अलग-अलग रहेगा। राजधानी पटना सहित दक्षिणी बिहार के जिलों में उत्तरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है।
इसका कारण भौगोलिक स्थिति और हवाओं की दिशा को माना जा रहा है। दक्षिणी क्षेत्रों में सूर्य की किरणों का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक पड़ता है, जिससे वहां तापमान तेजी से बढ़ सकता है। वहीं उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में नमी और हवाओं के प्रभाव के कारण तापमान थोड़ा नियंत्रित रह सकता है।
हालांकि पूरे राज्य में मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा और समय-समय पर बादल छाने या हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
राहत की बात: हीट वेव की संभावना कम
मार्च के महीने में तापमान बढ़ने के बावजूद राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने फिलहाल भीषण लू या हीट वेव की संभावना बहुत कम बताई है। इसका मतलब यह है कि अत्यधिक गर्म हवाओं का खतरा अभी कम रहेगा।
हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि गर्मी का प्रभाव महसूस नहीं होगा। तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को दिन के समय गर्मी जरूर महसूस होगी, लेकिन अत्यधिक लू जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है।
मौसम विशेषज्ञों का सुझाव है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, लोगों को अपने दैनिक जीवन में कुछ सावधानियां अपनानी चाहिए। विशेष रूप से दोपहर के समय अधिक देर तक धूप में रहने से बचना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी होगा।
पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा गर्म रहा फरवरी
अगर हाल के मौसम आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वर्ष फरवरी का महीना पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी गर्म रहा है। आंकड़ों के अनुसार पटना में पिछले पांच वर्षों के दौरान फरवरी के अधिकतम तापमान में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह बदलाव मौसम के बदलते रुझानों की ओर संकेत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के पैटर्न में बदलाव के कारण कई बार मौसम असामान्य रूप से गर्म या ठंडा हो सकता है।
रविवार को राज्य के कुछ जिलों में तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान फिर से बढ़ने लगेगा।
अलग-अलग जिलों में अलग तापमान का असर
राज्य के विभिन्न जिलों में तापमान का स्तर भी अलग-अलग दर्ज किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर मोतिहारी और भागलपुर जैसे जिलों में तापमान में अलग-अलग स्तर की वृद्धि देखी जा रही है।
कुछ जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जबकि कुछ जगहों पर मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। यह स्थिति आने वाले दिनों में भी बनी रह सकती है, क्योंकि प्री-मानसून अवधि में मौसम अक्सर अस्थिर रहता है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों में सावधानी बरतना जरूरी है।
किसानों को भी मौसम के अनुसार अपने कृषि कार्यों में बदलाव करने की सलाह दी गई है। अचानक आने वाली आंधी या बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
इसके अलावा बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर बिहार में प्री-मानसून का दौर अब शुरू हो चुका है। आने वाले लगभग तीन महीनों तक मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेगा, जहां एक ओर गर्मी धीरे-धीरे बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर बारिश और आंधी जैसे मौसमीय घटनाएं भी लोगों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए आने वाले समय में मौसम के पूर्वानुमान पर ध्यान देना और उसके अनुसार सावधानी बरतना बेहद जरूरी होगा।










